होली पर्व पर विविध कार्यक्रम

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होली पर्व पर विविध कार्यक्रम

डॉ. साध्वी कुन्दनरेखा जी के सान्निध्य में 'आओ खेलें होली' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साध्वीश्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में लोक पर्वों का विशेष महत्व है। यह पर्व प्रधान संस्कृति जीवन विकास की आधारशिला है। इन्हीं पर्वों की श्रृंखला में होली का स्थान विशिष्ट है। बसंत ऋतु का आगमन प्रकृति के साथ जनचेतना में भी उल्लास भर देता है। होली का यह पर्व पवित्रता का प्रतीक है। रंगों के माध्यम से न केवल उल्लास प्रकट होता है, बल्कि यह मानवीय व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालते हैं। हमारे दैनिक व्यवहार, स्वभाव, वातावरण और जीवनशैली पर रंगों का विशेष असर देखा जाता है। यद्यपि पूरी दुनिया रंगीन है, फिर भी चेतना में नवसंचार, कषायों की शांति, आसक्ति की निवृत्ति और वैभव की भावना का शमन आवश्यक है। आनंदमय वातावरण में सकारात्मक सोच का विकास हो, हिंसा और दुर्भावनाओं को विराम मिले — यही आज की आवश्यकता है। साध्वी कुन्दनरेखा जी ने गुरुदेव श्री तुलसी और आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी द्वारा प्रदत्त प्रेक्षाध्यान के अंतर्गत लेश्या ध्यान के अभ्यास की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि हम रंगों को सही अर्थ में समझ पाएं, तो हमारा परिवार, समाज और देश उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकता है। इस अवसर पर साध्वीश्री ने नमस्कार महामंत्र के साथ रंगों पर ध्यान करवा कर होली का आध्यात्मिक रूप से उत्सव मनाया और यह भी समझाया कि बाह्य रंगों का हमारे मन और व्यवहार पर कितना गहरा प्रभाव होता है। साध्वी सौभाग्ययशा जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह समय वसंत ऋतु के प्रभाव से शरीर को उल्लासित कर देता है। यह ऋतु परिवर्तन का संधिकाल है — सर्दी की समाप्ति और गर्मी की शुरुआत। यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए नया आरंभ है। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन में पंच परमेष्ठी के प्रतीक पाँच रंग हमारे जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं। साध्वीश्री ने 'होली' की हुरदंग पर स्वरचित गीत की शानदार प्रस्तुति भी दी। साध्वी कल्याणयशाजी ने कहा- रंगो का हमारे भाव स्वभाव पर गहरा असर दिखाई देता है। गहरा लाल रंग जहा शक्तिवर्धक है वही अतिमात्रा में इसका प्रयोग कषायों को बढ़ा भी सकता है। इंद्रधनुष के सात रंग हो या हमारे शरीर की बनावट में निहित अलग-अलग रंग इनका सही प्रयोग मनुष्य की दिशा और दशा बदल सकता है। हीरालाल गेलड़ा ने गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी।