मनुष्य को ऐसा प्रयास करना चाहिए कि हिंसा और अधमता के संस्कार तिरोहित हों और अहिंसा तथा श्रेष्ठता के संस्कार पुष्ट बनें, मानव में मानवता आए।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

स्वाध्याय

साँसों का इकतारा

साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा

09 Aug - 15 Aug 2021

साँसों का इकतारा

स्वाध्याय

संबोधि

आचार्य महाप्रज्ञ

09 Aug - 15 Aug 2021

संबोधि

स्वाध्याय

उपासना

आचार्य सम्भूतविजय

09 Aug - 15 Aug 2021

उपासना

स्वाध्याय

अवबोध

मंत्री मुनि सुमेरमल ‘लाडनूं

09 Aug - 15 Aug 2021

अवबोध
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