गलियार गधो घोड़ो अविनीत ते, कुट्यां बिन आगो न चाले। ज्यूं अविनीत नें काम भलावियां, कह्यां नीठ नीठ पार घाले।। - आचार्य श्री भिक्षु
- आचार्य श्री भिक्षु महाराज
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गुरुवाणी/ केन्द्र
वीतरागता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बन सकता है प्रेक्षाध्यान : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
पूर्णतया परमार्थ को समर्पित है मोक्ष के इच्छुकों की पारमार्थिक शिक्षण संस्था : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
सुखद वृद्धावस्था के लिए करें पूर्व तैयारी : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
राग और द्वेष दो किनारे, पर मध्यस्थ रहने का करें प्रयास : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
आसक्ति के बिना अच्छे भाव से किया गया पुरुषार्थ होता है उत्तम : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
हिंसा और प्रमाद बनाते हैं व्यक्ति को दुःखी : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024

गुरुवाणी/ केन्द्र
मृत्यु से अमरत्व की प्राप्ति की साधना है दीक्षा : आचार्यश्री महाश्रमण
04 November - 10 November 2024









संस्थाएं
आध्यात्मिक वैज्ञानिक जीवन का निर्माण करता है जीवन विज्ञान
04 November - 10 November 2024

संस्थाएं
निराहार अवस्था में होता है अपनी अंतः शक्ति का अहसास
04 November - 10 November 2024

















संस्थाएं
लोक जीवन की दुर्बलताओं को परिष्कृत करता है अणुव्रत
04 November - 10 November 2024






संस्थाएं
आचार्यश्री महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष का मनोनयन
04 November - 10 November 2024



संस्थाएं
संस्कारी व्यक्तित्वों का आविष्कार करने वाली बेस्ट फैक्ट्री है ज्ञानशाला
04 November - 10 November 2024



