रांकां ने मार धींगा नें पोख्यां, ए तो बात दीसें घणी गेंरी। तिण मांहें दुष्टी धर्म बतावें, ते रांक जीवां रा उठ्या वेंरी।।
- आचार्य श्री भिक्षु महाराज
![]()
गुरुवाणी/ केन्द्र
संबंधातीत चेतना की ओर होती है अणगार धर्म की गति : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 07 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025

गुरुवाणी/ केन्द्र
उग्र स्वभाव है मोक्ष प्राप्ति में बाधक : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 10 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025

गुरुवाणी/ केन्द्र
मनुष्य जीवन है मूल पूंजी, धर्म से करें इसकी वृद्धि : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 08 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025

संस्थाएं
उड़ीसा स्तरीय आंचलिक संरक्षणम् कार्यशाला का आयोजन
टिटिलागढ़।
17 February - 23 February 2025

गुरुवाणी/ केन्द्र
ज्ञान प्राप्ति के लिए आवश्यक है परिश्रम और समर्पण : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 09 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025

गुरुवाणी/ केन्द्र
धर्म का प्राथमिक और महत्वपूर्ण साधन है शरीर : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 05 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025

गुरुवाणी/ केन्द्र
सत्य से बनाएं जीवन को पवित्र और निष्कलंक : आचार्यश्री महाश्रमण
भुज। 06 फरवरी, 2025
17 February - 23 February 2025


संस्थाएं
पेरेंटिंग केवल बच्चों का पालन-पोषण करना ही नहीं स्वयं का विकास भी है
जोधपुर।
17 February - 23 February 2025

संस्थाएं
'परिक्रमा 25 बोल की' प्रतियोगिता का आयोजन
एचबीएसटी हनुमंतनगर।
17 February - 23 February 2025









संस्थाएं
संविधान छोटा है किन्तु गुणवत्ता की दृष्टि से बहुत बड़ा है
बोरावड़।
17 February - 23 February 2025



























