सल काढ़े सुध हुआं तिण सूं, सीझें आतम कांमो। शल्य निकालकर जो स्वस्थ हो जाता है। उसकी आत्मा का कार्य सिद्ध हो जाता है।

- आचार्य श्री भिक्षु