पुण्य के उदय से होने वाला सुख खुजली के समान है। प्रारंभ में अच्छा लगता है परिणाम अच्छा नहीं होता।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

संस्थाएं

162वें मर्यादा महोत्सव पर विविध आयोजन

राजमहेन्द्रवरम, आंध्रप्रदेश

02 February - 08 February 2026

162वें मर्यादा महोत्सव पर विविध आयोजन

स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

02 February - 08 February 2026

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

स्वाध्याय

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

02 February - 08 February 2026

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

02 February - 08 February 2026

संबोधि

विविध

नूतन गृह प्रवेश

कांटाबांजी।

02 February - 08 February 2026

नूतन गृह प्रवेश
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