कुएं के ऊपर जाजम बिछाई हुई है। उसके चारों कोनों पर भार रखा हुआ है। भाेला आदमी उस पर बैठ जाता है। कुएं में गिर डूबकर मर जाता है।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

25 May - 31 May 2026

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

25 May - 31 May 2026

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