जो स्वयं आचारहीन है और दूसरों को आचार का उपदेश देता है वह व्यर्थ ही बकवास कर रहा है। ऐसा लगता है मानो गौओं के टोले में गधा रेंक रहा है।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

18 May - 24 May 2026

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संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

18 May - 24 May 2026

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देते आज बधाई

मुनि कमल कुमार

18 May - 24 May 2026

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कण-कण है मुस्काया

साध्वी मधुस्मिता

18 May - 24 May 2026

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