रचनाएं
वंदन अभिनन्दन करते हैं
साध्वी प्रमुखा का चयन दिवस हम मिलजुल आज मनाते हैं
वंदन अभिनन्दन करते हैं सब गीत खुशी के गाते हैं.. जय हो
सरदारशहर की पुण्यधरा पर महाश्रमण का महाउपकार
साध्वी प्रमुखा का पद देकर के साध्वी संघ का सौंयाभार
निश्चिंत बना साध्वी परिवार हम श्रद्धा शीश झुकाते हैं
हे सतिशेखरे! मनोनयन पर शुभ संकल्प सजाते हैं
महाप्रज्ञ की अनुपम कृति को पाकर भाग्य सराते हैं
सक्षम नेतृत्व मिला हमको (सब मिलकर) आज बढ़ाते हैं
वक्तृत्वकला अनुपम तेरी अनुपम है जीवन की शैली
गुरुभक्ति है अनुपम तेरी अनुपम है संपादन शैली
विनय, समर्पण कार्यकुशलता देख हृदय विकसाते हैं
रहे निरामय बनो चिरायु करे शुभ कामना
शुभ भविष्य हो साध्वीगण का करे सारणा वारणा
गुरुओं की पा शुभाशीष ये नयन कमल हरषाते हैं
तर्ज - है प्रीत जहाँ की रीत सदा