अंकुश के बिना हाथी चल रहा है और लगाम के बिना घोड़ा चल रहा है। कुगुरु की चाल भी ऐसी ही है, वह साधु का नाम धराता है किन्तु संयम के बिना चल रहा है।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

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धर्म के आदिकर्ता-भगवान ऋषभ

मुनि चैतन्य कुमार 'अमन'

20 April - 26 April 2026

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स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

20 April - 26 April 2026

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स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

20 April - 26 April 2026

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स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

20 April - 26 April 2026

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रचनाएं

प्रेरणा स्रोत हैं चन्दनबाला

साध्वी नीति प्रभा, हिसार

20 April - 26 April 2026

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रचनाएं

करता हूँ दिल से गुणगान

मुनि चैतन्य कुमार ‘अमन’

20 April - 26 April 2026

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