आत्म-शुद्धि (निर्जरा) के साथ पुण्य सजह होता है। जैसे-गेहूं के साथ-भूसा।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

12 January - 18 January 2026

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

12 January - 18 January 2026

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

12 January - 18 January 2026

संबोधि
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