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वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा की ओर से एक वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार जी स्वामी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन गंगाशहर में किया गया। इस अवसर उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार जी स्वामी ने कहा कि शरीर ओर आत्मा दो अलग अलग है। शरीर से आत्मा का निकल जाना ही मृत्यु है। मृत्यु सास्वत है। इसी प्रकार धर्म और अध्यात्म है। जीवन में अध्यात्म नही होगा तो धर्म हो ही नही सकता। जैन धर्म में दो प्रकार के धर्म की व्याख्या की गई है। उपासना धर्म एवं चारित्र धर्म। मुनि श्री ने कहा कि संयम ही जीवन है। संयम ही धर्म है। धर्म के मर्म को समझों। जहाँ नैतिकता, प्रमाणिकता, सद्चरित्र नही होगा वहाँ अशांति होगी। जीवन में शांति अध्यात्म के बिना संभव नही है। इस अवसर पर विषय प्रवर्तन करते हुए जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि कई आज हम एक ऐसे विषय पर विचार विमर्श करने के लिए आए हैं जो हमारे समाज की नीवं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विषय है समाज निर्माण में अध्यात्म और मीडिया की भूमिका । यह विषय केवल शब्दों का संयोजन नहीं बल्कि एक स्वस्थ समाज और प्रगतिशील समाज की कुंजी है। अध्यात्म समाज को वह चरित्र प्रदान करता है जो दीर्धकालीन विकास के लिए आवश्यक है। बिना आध्यात्मिकता के समाज एक शरीर के समान है जिसमें आत्मा नहीं सिर्फ भौतिकता का खोल होता है। इस अवसर पर मुख्य वक्ता बृजेश सिंह, संपादक राजस्थान पत्रिका ने कहा कि आज प्रिन्ट मीडिया ने संयम के साथ लिखने की कला को जिन्दा / बनाये रखा है। बीकानेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष खुशाल सिंह ने कहा कि अध्यात्म हमारे अन्दर रहना चाहिए। युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के पीछे भाग रही है। छल कपट झूठ, बेईमानी, अनैतिकता आज के युग की विकट समस्या है जिसका सुधार गुरू ज्ञान बिना नही हो सकता। श्याम मारू, प्रदेश अध्यक्ष जार ने कहा कि अध्यात्म और मीडिया दोनों अलग अलग धारा है। अध्यात्म से स्वच्छ समाज निर्माण होता है। हरीश बी शर्मा ने संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि एक पत्रकार के रूप में नैतिकता और प्रामाणिकता से कार्य करू यह मेरा धर्म है। मुनि जय कुमार जी एवं संवित सोमगिरी से हुए संवाद को साझा करते हुए कहा कि मर्म का भेदन नही करना चाहिए। अगर आप में यह गुण नही है तो आप पत्रकारिता नही कर पा रहे है। सत्य हमारे सामने अनेक रूप में आता है। कार्यक्रम का संचालन सभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने किया। आभार ज्ञापन सभा के अध्यक्ष नवरतन बोथरा ने किया।