दुगुणं करेइ से पावं, पूयणकामो विसण्णेसी। जो पूजा का इच्छुक और असंयम का आकांक्षी होता है, वह दूना पाप करता है।

- आचार्य श्री भिक्षु महाराज

स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

18 March - 24 March 2024

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

18 March - 24 March 2024

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

18 March - 24 March 2024

संबोधि

विविध

नूतन गृह प्रवेश

पर्वत पाटीया।

18 March - 24 March 2024

नूतन गृह प्रवेश

रचनाएं

उनका जाना रिक्तता की अनुभूति करा गया

–‘शासनश्री’ साध्वी संघमित्रा

18 March - 24 March 2024

उनका जाना रिक्तता की अनुभूति करा गया

रचनाएं

शासन रा कीर्तिधर जी

साध्वी शकुन्तलाकुमारी, साध्वी संचितयशा

18 March - 24 March 2024

शासन रा कीर्तिधर जी

रचनाएं

बोलो जय जयकार है

साध्वी राकेशकुमारी

18 March - 24 March 2024

बोलो जय जयकार है

रचनाएं

जीवन को संवारा

साध्वी कीर्तिलता

18 March - 24 March 2024

जीवन को संवारा
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