एकांत स्थान में साधना करने का मूल्य है, पर भीड़ में रहकर भी एकांत का-सा अनुभव करना परम मूल्यवान है।

- आचार्य श्री भिक्षु

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

08 July - 14 July 2024

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

08 July - 14 July 2024

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