जीव-अजीव की पहचान हुए बिना मन का भ्रम नहीं मिटता। सम्यकत्व आए बिना जीव के आने वाले कर्म नहीं रूकते हैं।

- आचार्य श्री भिक्षु

स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

16 March - 22 March 2026

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

16 March - 22 March 2026

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

16 March - 22 March 2026

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