जीव द्रव्य प्रत्यक्ष शाश्वत है। उसकी संख्या तिलमात्र भी कभी नहीं घटती। उसके असंख्यात प्रदेशों में लेशमात्र भी घट बढ़ नहीं होती।

- आचार्य श्री भिक्षु

स्वाध्याय

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

-आचार्यश्री महाश्रमण

30 March - 05 April 2026

धर्म है उत्कृष्ट मंगल

स्वाध्याय

श्रमण महावीर

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

30 March - 05 April 2026

श्रमण महावीर

स्वाध्याय

संबोधि

-आचार्यश्री महाप्रज्ञ

30 March - 05 April 2026

संबोधि

विविध

नामकरण संस्कार

पूर्वांचल कोलकाता।

30 March - 05 April 2026

नामकरण संस्कार
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