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“संघ सम्मान मांगता है” कार्यशाला का आयोजन
डॉ मुनि श्री पुलकित कुमार जी के सानिध्य में “संघ सम्मान मांगता है” विषय पर तेरापंथ सभा भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुनिश्री ने उद्बोधन में कहा की तेरापंथ धर्म संघ में निष्काम भाव से सेवा पर बल दिया जाता है। सेवा देने वाला ही मेवा पाता है। धर्म संघ के प्रति सम्मान, आदर भाव एवं श्रद्धा समर्पण रखना ही उसका असली सम्मान होता है। मुनिश्री ने आगे कहा वर्तमान समय में संघम् शरणम गच्छामि उत्तम वाक्य है। धर्म संघ के सम्मान के लिए माला पहनाना ही पर्याप्त नहीं है उसके प्रति कर्तव्य भाव को बढ़ाना चाहिए। मुनिश्री ने युवा पीढ़ी को आह्वान करते हुए कहा तेरापंथ संघ की युवा पीढ़ी दायित्व शील बनें। सेवा भावी एवं समर्पित हो यह आवश्यक है। नचिकेता मुनि आदित्य कुमारजी ने संघ करता है उन्हें प्रणाम गीत के माध्यम से प्रेरणा दी। महिला मंडल बहनों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।सभाध्यक्ष भगवतीलाल मांडोत से स्वागत किया, मुख्य वक्ता तेरापंथ महासभा के दक्षिणांचल एवं मलनाड प्रभारी, उपासक महेंद्र दक ने कहा अपने पूर्वजों से हमें संघ सेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। जहां गुरु की एवं धर्म संघ की अवहेलना होती है उस प्रक्रिया में श्रावक भाग न लें।
आचार्य श्री तुलसी महाप्रज्ञ सेवा केंद्र के अध्यक्ष ललित मांडोत, विजयनगर से सभाध्यक्ष मंगल कोचर, आदि ने विचार व्यक्त किए।गांधीनगर तेरापंथ ट्रस्ट के पूर्वाध्यक्ष प्रकाश बाबेल, अणुव्रत समिति अध्यक्ष ललित बाबेल की उपस्थिति रही, कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन मंत्री प्रवीण बोहरा ने किया।