पहड़े सगानें सेण, पहड़े संचियो धन हाथ रो। बंधव त्रिया नें पूत, नहिं, पहड़े धर्म जगनाथ रो।। - आचार्य श्री भिक्षु
पहड़े सगानें सेण, पहड़े संचियो धन हाथ रो। बंधव त्रिया नें पूत, नहिं, पहड़े धर्म जगनाथ रो।।
Search results for: