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नव वर्ष पर वृहद मंगल पाठ एवं विविध आयोजन
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में बृहद्ध मंगल पाठ कार्यक्रम का आयोजन जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा (कलकत्ता-पूर्वांचल) ट्रस्ट द्वारा डिविनिटी पवेलियन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुनि श्री जिनेश कुमार जी ने कहा नया वर्ष नये दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत हुआ है। नया वर्ष नई उमंग लेकर आया है। नया वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक आनंदमय, निरामय और मंगलमय बनें ऐसी में सभी के प्रति मंगल कामना व्यक्त करता हूँ। उन्होंने आगे कहा -जीवन की सफलता के पांच सूत्र आचार्यश्री महाश्रमण जी ने दिये हैं। सहन करो, श्रम करो, सेवा करो, संयम करो और स्वभाव बदलो ये सफलता के प्रभावी पाँच सूत्र है। मन तो सबके पास है परंतु मनोबल विरले लोगों में ही होता है। मनोबल के विकास के लिए सहिष्णुता का विकास जरूरी है। जो सहता है वह रहता है। इस अवसर पर सुमधुर गीत का संगान मुनि कुणाल कुमार जी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल, पूर्वांचल के मंगलाचरण से हुआ। स्वागत भाषण जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा (कलकत्ता-पूर्वान्चल) ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय सिंघी ने दिया। आभार ज्ञापन सभा मंत्री पंकज डोसी ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंद ने लिया।