नव वर्ष पर वृहद मंगल पाठ एवं विविध आयोजन

संस्थाएं

माधावरम, चैन्नई

नव वर्ष पर वृहद मंगल पाठ एवं विविध आयोजन

युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि दीप कुमारजी के सान्निध्य में नये वर्ष का आयोजन नव वर्ष, हो हमारा उत्कर्ष थीम पर मंत्रानुष्ठान, प्रवचन एवं नये वर्ष पर मंगलपाठ हुआ। मुनि दीप कुमारजी ने नये वर्ष वर्ष पर कहा-नव वर्ष लोगों में नया उत्साह, उमंग और उल्लास लिए आता है। नये के प्रति आकर्षण होता है अतीत भी एक दर्पण है। उस दर्पण में अच्छाईया भी थी, बुराईया भी थी। दोनों को देखना है, यह देखना कौनसा आचार या व्यवहार हमारा ऐसा रहा, जिसके कारण प्रगति की, कौन सी कमीया रहीं जिनके कारण हमें नुकसान हुआ, कार्य में बाधा आई। पूरा लेखा-जोखा करना है। इस आधार पर नये वर्ष में अपने कार्य और लक्ष्य का निर्धारण करना है। मुनिश्री ने पांच सूत्रों के साथ नववर्ष के नये सूत्र- समय प्रबंधन, संकल्प बल, श्रमनिष्ठा, सकारात्मक सोच , सुसंस्कार अपनाने पर बल देते हुए कहा यह पांच सूत्र हमारे जीवन में उत्कर्ष लाने वाले होंगे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ माधावरम ट्रस्ट के अध्यक्ष घीसूलाल बोहरा ने दिया।