संस्थाएं
सामायिक शांति और समाधि का महान उपक्रम है
तेरापंथ युवक परिषद जयपुर द्वारा समायोजित अभिनव सामायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि तत्त्व रुचि जी 'तरुण' ने कहा कि - अभिनव सामायिक का प्रयोग तनाव मुक्ति का अचूक उपाय और शांति-समाधि का महान उपक्रम है ।मुनिश्री जी ने बताया कि भगवान महावीर ने असत् प्रवृति से विरत होने के लिए सामायिक की साधना का विधान किया। असत् से मुक्त और सत् प्रवृत्ति में रत इंसान सभ्य और चरित्रवान होता है। वह स्वयं और संसार का हितेषी होता है। मुनि संभव कुमार जी ने कहा - सामायिक की क्रिया व्यक्तित्व निर्माण की अद्भुत प्रक्रिया है। इससे व्यक्ति भय, चिंता, तनाव, कलह, कदाग्रह आदि से मुक्त बन जाता है। उन्होंने कहा कि अभिनव सामायिक स्वास्थ्य और पवित्र जीवन का राजमार्ग है। इसके साथ उन्होंने प्रेरक सामायिक गीत भी सुनाया। इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद, जयपुर के अध्यक्ष रवि छाजेड़ ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी। मौके पर 'नेत्रदान' बैनर का अनावरण भी किया।