41 दिवस की तपस्या का अभिनन्दन

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41 दिवस की तपस्या का अभिनन्दन

गंगाशहर। तेरापंथ भवन गंगाशहर में उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार जी स्वामी ने अपने प्रवचन में तपस्वी मुनि नमिकुमार की 41 दिवस की तपस्या का अभिनन्दन करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने तप साधना करके औरो के लिए भी तप साधना का मार्ग प्रशस्त कर दिया। मुनि नमिकुमार आज से 9 साल पहले दीक्षा ली थी। जब से दीक्षा ग्रहण की तब से तपस्या का क्रम शुरू कर दिया। आज 76 वर्ष की उम्र में 41 दिवस की तपस्या है। इससे पूर्व 1 से 40 दिवस की तपस्या पूरी कर चुके हैं एवं 51 व 62 दिवस की तपस्या करके इतिहास बना दिया है। मुनि श्री ने कहा कि तप और जप जहाँ होता है वहाँ देवी - देवताओं का आगमन होता है। तपस्या कर्म निर्जरा का महत्वपूर्ण साधन है। प्रेरक गीतिका के माध्यम से भी मुनि नमिकुमार के तप का गुणगान किया। इस अवसर पर मुनि श्रेयांस कुमार ने ''तपस्या री आई रे बाहर गंगाशहर नगरी में, खुशियाँ रो आर न पार गंगाणै नगरी में'' गीतिका के माध्यम से तप की अनुमोदना की। मुनि प्रबोध कुमार, मुनि विमल विहारी, मुनि मुकेश कुमार ने भी अपने भावों से मुनि नमिकुमार के तपस्या की अनुमोदना की।