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अध्यात्म और मीडिया का संगम ही स्वस्थ समाज का आधार
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर के तत्वावधान में गुरुवार को तेरापंथ भवन में एक विशेष वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार जी स्वामी के सान्निध्य में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य विषय 'समाज निर्माण में अध्यात्म और मीडिया की भूमिका' रहा। इस अवसर पर मुनि श्री ने अध्यात्म और मीडिया के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान की।
सत्य ही धर्म है और सत्य ही मीडिया का मूल
मुनि श्री सभा को संबोधित करते हुए मुनि कमल कुमार जी ने कहा कि जिस प्रकार शरीर से आत्मा का निकल जाना मृत्यु है, उसी प्रकार अध्यात्म के बिना जीवन और धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा, 'मीडिया का कार्य सत्य को सामने लाना है और सत्य का वास्तविक अर्थ ही धर्म है। जहाँ नैतिकता और प्रामाणिकता का अभाव होता है, वहाँ अशांति पनपती है।' जैन धर्म में दो प्रकार के धर्म की व्याख्या की गई है। उपासना धर्म एवं चारित्र धर्म। धर्म के क्षेत्र में व्रतों की अहमियत है। समाज में धन की भी अहमियत है। लेकिन धन तो यहीं रह जायेगा। धर्म - ध्यान, चारित्र, तपस्या सद्कर्म आपके साथ जायेगे।
अध्यात्म नींव तो मीडिया है लोकतंत्र का स्तंभ
विषय प्रवर्तन करते हुए जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि समाज की मजबूती आध्यात्मिक मूल्यों और मीडिया की जिम्मेदार भूमिका पर टिकी हुयी है। उन्होंने अध्यात्म को समाज का 'चरित्र' और मीडिया को 'आंख-नाक-कान' की संज्ञा दी। आज के डिजिटल युग में, जहां फेक न्यूज एक महामारी की तरह फैल रही है, आध्यात्म हमें विवेक देता है कि क्या साझा करें और क्या नहीं। मुख्य वक्ता और राजस्थान पत्रिका के संपादक बृजेश सिंह ने प्रिंट मीडिया की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लिखने की कला में संयम तभी आता है जब भीतर अध्यात्म का वास हो।
मीडिया पर अध्यात्म का अंकुश आवश्यक
बीकानेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष खुशाल सिंह ने पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की अनैतिक समस्याओं का समाधान गुरु ज्ञान और आध्यात्मिक अंकुश में ही निहित है। वहीं, 'जार' के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम मारू ने कहा कि जब अध्यात्म और मीडिया की धाराओं का संगम होता है, तो समाज की बुराइयों का अंत सुनिश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कुरीतियों के विरुद्ध मीडिया की लेखनी को अध्यात्म से ही शक्ति मिलती है।