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जगन्नाथ धरा पर मुनिवरों का स्वागत
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण के निर्देशानुसार सुशिष्य मुनि मोहजीतकुमार जी सहवर्ती मुनि भव्य कुमार जी, मुनि जयेशकुमार जी ने ओडिशा राज्य की सीमा में प्रवेश किया। सीमा पर कटक तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मण्डल, तेरापंथ किशोर मण्डल तथा अनेक कार्यकर्ताओं ने मुनिवरों का भावभीना स्वागत किया। उत्कल भारती स्कूल प्रांगण में आयोजित स्वागत समारोह में प्रेरणा प्रदान करते हुए मुनिश्री मोहजीत कुमार जी ने कहा ओडिशा क्षेत्र के श्रावक- श्राविकागण श्रद्धा और भक्ति से भरे हुए है। अब अपेक्षा है कि नई पीढ़ी में श्रद्धा के साथ आध्यात्मिकता की जड़ों को सिंचन देकर उन्हें पल्लवित पुष्पित किया जाये। इसके लिए उन्हें तात्विक ज्ञान अध्यात्म का दर्शन एवं व्यावहारिक संबोध दिया जाए।
मुनि ने आगे कहा कि संतों का श्रम, नई कल्पनाओं का प्रस्तुतिकरण श्रावकों की श्रद्धा की वर्धापना से गुरु दृष्टि की आराधना करते हुए सभी संघीय विकास में योगभूत बने रहें। अपने संयोजकीय वक्तव्य में यात्रा गणित प्रस्तुत करते हुए मुनि भव्य कुमार जी ने बताया कि आंध्रप्रदेश में प्रवेश करने के पश्चात लगभग 1250 कि.मी. से अधिक पदयात्रा कर मुनिवरों का ओडिशा में पदार्पण हुआ है। मुनि जयेश कुमार जी ने कहा कि आज हमारे यात्रा पथ का महत्वपूर्ण पड़ाव है ।गत दो वर्षों से दक्षिण भारत की यात्रा करते हुए आज हमने पूर्वी भारत की धरती पर कदम रखे है।पूज्यप्रवर की दृष्टि की आराधना करते हुए निरन्तर आगे बढ़ते रहें यह काम्य है। इससे पूर्व तेरापंथ महिला मंडल , कटक की बहिनों ने स्वागत स्वर प्रस्तुत किया। तेरापंथ सभा कटक के अध्यक्ष मुकेश सेठिया,तेयुप अध्यक्ष शशि चोरडिया महिला मंडल अध्यक्षा सुनीता बैंगानी, मंत्री समता सेठिया ने भावाभिव्यक्ति दी। आभार प्रकट मनीष सेठिया ने किया।