संस्थाएं
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 65वें जन्मोत्सव, 17वें पट्टोत्सव एवं 53वें दीक्षा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम
परम पूज्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 53वें दीक्षा दिवस को ‘युवा दिवस’ के रूप में बोथरा भवन में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम मुनि अमृत कुमार जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। मुनि अमृत कुमार जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में गुरुदेव के जीवन एवं तप की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि दीक्षा का उद्देश्य अज्ञात को ज्ञात करना, जीवन का उद्धार करना तथा आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि बिना आंतरिक परिवर्तन के दीक्षा का कोई अर्थ नहीं होता। मुनि उपशम कुमार जी ने भी गुरुदेव के दीक्षा दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अभिवंदना अर्पित की। तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री मांगीलाल बोथरा ने बताया कि देशभर में तेरापंथ युवक परिषद द्वारा गुरुदेव के दीक्षा दिवस को ‘युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उपाध्यक्ष देवेंद्र डागा ने बताया कि इस अवसर पर तेरापंथ सभा के जैन लूणकरण छाजेड़, तेरापंथ महिला मंडल की मीनाक्षी आंचलिया, आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के धर्मेंद्र डाकलिया एवं तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के नारायण चोपड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।