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आध्यात्मिक मिलन का अपूर्व-उत्सव
युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी के विद्वान संत जयकुमारजी एवं शासनश्री साध्वी सुमनश्री जी का आध्यात्मिक मिलन समारोह का भव्य कार्यक्रम हुआ। महाश्रमण सभागार में सैकड़ो श्रद्धालुओ की उपस्थिति में आनन्द और खुशी की लहर फैलगयी। शासनश्री साध्वी सुमनश्री जी ने मुनि श्री का भावभीना स्वागत करते हुए कहा कि तेरापंथ की राजधानी लाडनूं से भारत की राजधानी दिल्ली तक का मुनिश्री का सफर उपलब्धियों भरा एवं शासन प्रभावी रहा और हमारे लिए तो आप संदेश वाहक बन आये हैं। परम पूज्य आचार्य प्रवर का मंगल संदेश हमारे लिए टोनिक है ऊर्जा है। हम आपका बहुत स्वागत करते हुए गौरव की अनुभूति करते हैं। आपका ध्यानयोग, तपोयोग, और मन्त्रविद् शक्ति एवं अनेक उपलब्धियों से धर्म संघ की विशेष प्रभावना हो रही है। आचार्य प्रवर की अनन्त ऊर्जा लेकर आप महाविदेह क्षेत्र जैसे क्षेत्र गुरु सन्निधि से पधारे हो अब राजधानी दिल्ली में साधना की ऊर्जा से जन-जन की चेतना को जगाये यही हमारी मंगल कामना है। जब मुनि जयकुमारजी ने पूज्य प्रवर का संदेश साध्वी श्री को दिया तो ॐ अर्हम की ध्वनि से होल गूंज उठा। मुनिश्री ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा-गुरु का संदेश सभी साधु हम तो भगवान के घर के कासीद है। गुरु का सन्देश सभी साधु साध्वियों के लिए लायें है। शासनश्री साध्वी सुमनश्री जी हमारे धर्म संघ की विदुषी साध्वी हो आप ऋजुमना है, सरल है। यात्राओं के दौरान आपने धर्मसंध की बडी प्रभावना की है। हमारा धर्म संघ बेजोड़ है जिसमें साध्वी समाज की बहुत बड़ी सेवा है सन्तों के प्रति उदार और प्रमोद भाव है यह सब जिन शासन का प्रताप है।
वर्तमान में आचार्य महाश्रमणजी जैसे महातपस्वी महान योगी आचार्य प्रवर के कुशल अनुशासन में धर्मसंघ अध्यात्म की ऊंचाइयों को छू रहा है। साध्वी सुरेखा जी, साध्वी मधुरलता जी और साध्वी मननप्रभा जी ने मधुर गीत' यह संघ हमारा मन्दिर है आओ इनका सम्मान करें' संगीत का संगान करते हुए मुनि श्री का स्वागत किया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा रोहिणी के अध्यक्ष संजीव जैन एवं तेरापंथी महिला मण्डल उत्तर दिल्ली की अध्यक्षा इंद्रा सुराणा ने भावभरे उद्गार व्यक्त किये। कार्यक्रम का कुशल संचालन पराग जैन ने किया।