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'कैसे भरे रिश्तों में मिठास' प्रबोधन कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेशकुमार जी ठाणा 3 के सानिध्य में 'कैसे भरे रिश्तों में मिठास' कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, टॉलीगंज द्वारा बादाम तल्ला स्थित पूनमचंद विजयराज जी नखत के निवास स्थल रामसंपत पर हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बसंत पारख आर्बिट ग्रुप थे। इस अवसर पर अच्छी संख्या में श्रद्धालु श्रावक -श्राविकाएँ उपस्थित थे। कार्यक्रम में उद्बोधन प्रदान करते हुए मुनि जिनेश कुमार जी ने कहा - दुनिया में रिश्तों का बहुत बड़ा मूल्य है। रिश्तों की मिठास जीवन को आनंद से सराबोर कर देती है। रिश्तों की कड़वाहट जीवन की सरसता को हर लेती है। इंसान की सुख-शांति व मानसिक प्रसन्नता में रिश्तों की भी अहम भूमिका हो सकती है। रिश्तो कही मिठास को बढ़ाने एवं बरकरार रखने के लिए भरोसा, विश्वास, मधुर वाणी सहिष्णुता, नम्रता सामंजस्यता संयम, प्रेम-स्नेह, सेवा सहयोग, समर्पण, नेतृत्व के प्रति आस्था, कृतज्ञता आदि गुणों का सम्यक विलास बहुत जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा- वाणी की शिष्टता में रिश्तों की मिष्टता छिपी हुई है। जिहवा संभली तो जीवन संभला। स्वस्थता व प्रसन्नता की पृष्ठभूमि व तनाव मुक्त रहने की दवा है सहिष्णुता। जो सहता है वह रहता है। हर क्षेत्र में सहिष्णुता रखने वाला व्यक्ति रिश्तो में मधुरता ला सकता है। परिवार में स्नेह भाव, विनय वात्सल्य होता है तो मधुरता बढ़ती है। जीवन एक पुष्प है तो, सामंजस्य उसकी सौरभ है। जहां आश्ता होता है वहाँ रिश्तों में खटास आती है। एक-दूसरे को समझने और सहन करने वाला रिश्तों में मिठास भर सकता है। इस अवसर पर मुनि परमानंद ने कहा- मीठे बोल की दो बूंद रिश्तों को पोलियों से बचा सकती है। इस अवसर पर मुनि कुणाल कुमारजी ने सुमधुर गीत का संगान किया। मुख्य वक्ता बसंत जी पारख ने कहा रिश्तों को महसूस किया जा सकता है। जो रिसता है वह रिश्ता है। रिश्तों को गांठना व घोलना पड़ता है। स्वार्थ व निर्लजता को तज देने पर निर्मलता आने से रिश्तों में अपने आप मिठास आ जाती है। इस अवसर पर स्वागत भाषण टॉलीगंज सभा के अध्यक्ष अशोक पारख ने दिया।
कमल सेठिया ने बसंत पारख का परिचय प्रस्तुत किया। तेरापंथी सभा व तेरापंथ युवक परिषद टॉलीगंज द्वारा सामूहिक स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल, टॉलीगंज की बहनों के मंगल संगान से हुआ। आभार ज्ञापन मंत्री राजीव जैन ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंद जी ने किया। सभा द्वारा मुख्य वक्ता का सम्मान किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यकर्ताओं व नखत परिवार का विशेष योगदान रहा।