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माइन्ड कूल से ही लाइफ होगी ब्यूटीफूल
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि दीप कुमारजी ठाणा -2 के सान्निध्य में 'माइन्ड कूल, लाइफ ब्यूटीफूल' प्रवचन लाफिंग लॉटस प्रि स्कूल में का आयोजन तेरापंथी परिवार- राघवेन्द्रा कॉलोनी द्वारा आयोजित किया गया। मुनि दीप कुमारजी ने कहा- आज का इंसान बाहर से स्मार्ट है। लेकिन अन्दर से डिस्मार्ट है। फेश पर फिल्टर है लेकिन दिमाग में हीटर है। मोबाइल फास्ट है लेकिन लाइफ फरस्टेरटेड है और इसलिए आज सबसे जरूरी विषय है- 'माइन्ड कूल, लाइफ ब्यूटीफूल'। अगर माइन्ड कूल है तो, सिचुवेशन कितनी भी कठिन हो, लाइफ फिर भी ब्यूटीफूल लगती है।
माइन्ड को सबसे ज्यादा जलाता है ओवरथिंकिंग। जो हुआ नहीं, उसी की चिंता। जो चला गया उसी का दु:ख। जो... मिलेगा नहीं उसी की बेचैनी और जो मिला है उसकी कोई वेल्यू नहीं। माइन्ड कूल रखने का सबसे बड़ा मंत्र है-लेट गो। कुछ लोग पुरानी। बातों को पकड़ कर बैठे रहते हैं। पुराना अपमान, पुराना धोखा, पुरानी एक गलती और फिर कहते हैं माइन्ड में शांति नही है। मुनिश्री ने आगे कहा- लाइफ ब्यूटीफूल बनाने के लिए महंगी कार नहीं, कूल माइंड चाहिए क्योंकि माइन्ड कूल है तो छोटी-सी वस्तु भी खुशी देती है। माइन्ड हिट में हो तो महलों में भी बेचैनी रहती है। मुनि ने संकल्पों को करने की भी प्रेरणा दी। मुनि काव्य कुमारजी ने कहा- चेहरे पर स्टाइल है, हाथ में महंगा मोबाइल है, सोशल मीडिया पोस्ट पर फोटो में बढ़िया स्माइल है लेकिन भीतर में बेचैनी है,निराशा है,अशांति है। Comparison और Competition इन दोनों ने आज व्यक्ति के भीतर बहुत ज्यादा अशांति पैदा की है। विषय पर प्रवचन दोनों संतों का बहुत प्रेरणादाई, प्रभावक रहा। आभार ज्ञापन तिलोकचन्द सिपानी ने किया।