मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन

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मोहन भन्साली

मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन

मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज।
युगप्रधान महातपस्वी महाश्रमण है भैक्षण गण सरताज।।
मर्यादा पत्र बना तेरापंथ का अटूट आधार,
मर्यादा महोत्सव का बना मर्यादा पत्र श्रृंगार।
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बना हृदय का हार,
उत्तरोत्तर अनुशास्ताओं का बना प्राणों का प्राण।।
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज!
कलयुग में सतयुगी संत मिला साक्षात,
महावीर के सिद्धांतों पर चल पड़ा श्रृद्धावान,
अंतिम स्थल बना संत भिक्षु का पहला पड़ाव,
पंचम आरे में त्रेतायुग का संकल्प था बलवान।।
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज!
तेरह संत तेरह श्रावक, जोधपुर री हाट,
कवि राज रा तुका बना जय यश का नाम,
भिक्षु ने समर्पित किया हे! प्रभु यह तेरापन्थ,
जन-मानस का कल्याणकारी बना तेरापंथ सम्राट।।
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज!
एक से बढ़कर एक मिला गण का बागवान,
भारी,राय महामनीषी जयाचार्य ने किया नवाचार,
मघवा माणक डाल कालूराम ने दिया युग अवतार,
तप, जप सिंचन से वटवृक्ष बना शीतल छायादार।।
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज!
तुलसी महाप्रज्ञ ने खोल दिया प्रगति पथ का द्वार,
अणुव्रत प्रेक्षाध्यान प्राणवान बना युगानुकुल अवदान,
सात समंदर पार मानवता को दिया नैतिक उपहार,
साधना का शिखर पुरुष ज्योतिपुंज है नौ रत्नों की बाड़।
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज!
मर्यादा के मंत्रदाता दीपा नन्दन करें सकल सफल काज।
युगप्रधान महातपस्वी महाश्रमण है भैक्षण गण सरताज।।