संस्थाएं
162वें मर्यादा महोत्सव पर विविध आयोजन
अणुव्रत भवन में तेरापंथ धर्म संघ का 162वां मर्यादा महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम शासनश्री मुनि विमल कुमार जी, बहुश्रुत मुनि उदित कुमार जी एवं मुनि अभिजीत कुमार जी आदि ठाणा-9 के मंगल सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुनि विमल कुमार जी ने मर्यादा महोत्सव की परंपरा और उसके महत्व पर संक्षिप्त विचार रखे। बहुश्रुत मुनि उदित कुमार जी ने अपने उद्बोधन में तेरापंथ के संस्थापक आचार्य भिक्षु जी के गुणों का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने संघ को स्पष्ट मर्यादाओं के माध्यम से एक सुदृढ़ दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि मर्यादाएँ केवल नियम नहीं होतीं, बल्कि वे संघीय जीवन को व्यवस्थित, सुरक्षित और उद्देश्यपूर्ण बनाती हैं। मर्यादा का सम्मान और उसका सम्यक उपयोग ही तेरापंथ की पहचान है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों में संतुलन बना रहता है। मुनिश्री अभिजीत कुमार जी ने मर्यादा को आत्मसंयम और अनुशासन से जोड़ते हुए उसके व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डाला । मुनिश्री मधुरकुमार जी, मुनिश्री अक्षयकुमार जी, मुनि धन्यकुमार जी, मुनि जागृतकुमार जी, मुनि ज्योतिर्मयकुमार जी ने अपने प्रासंगिक विचार रखें। मुमुक्षु खुशी सुराणा ने भी अपनी सारगर्भित अभिव्यक्ति दी। आभार ज्ञापन सभा दिल्ली उपाध्यक्ष विमल बैंगानी ने किया। कार्यक्रम का संचालन तेरापंथ सभा दिल्ली के महामंत्री प्रमोद घोड़ावत ने किया।