महिला मंडल के विविध आयोजन

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महिला मंडल के विविध आयोजन

अमराईवाड़ी
अभातेममं के तत्त्वावधान में तेममं द्वारा तेरापंथ भवन में दिवाली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उपासिका मंजू गेलड़ा ने नवकार महामंत्र के द्वारा की। तेममं की बहनों ने सुमधुर प्रेरणा गीत का संगान किया। कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में उपासिका मंजू, रेखा चिप्पड़ एवं डॉक्टर रिचि खाब्या उपस्थित थे। कार्यक्रम को तीन सत्र में विभाग किया गया। बेस्ट प्रांतीय वेशभूषा प्रतियोगिता, बेस्ट मिलेट्स प्रतियोगिता, बेस्ट सुझाव प्रतियोगिता। अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, निर्णायक एवं उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया।
उपासिका मंजू गेलड़ा ने कहा कि आज के फास्ट फूड और इंस्टेंट फूड की अपेक्षा मिलेट्स से बना भोजन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। साथ ही कार्यक्रम में प्रांतीय वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बहनों को यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत में सभी जाति के लोग अलग-अलग होने पर भी एकजुट रहते हैं, हमारी वेशभूषा बहुत ही सुंदर है और हमें अपनी वेशभूषा और अपनी संस्कृति का आदर करना चाहिए। वक्तव्य प्रतियोगिता में बहनों द्वारा वह कैसे मंडल में योगदान देकर और रोशन कर सकती हैं पर अपने विचार रखे गए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ0 रिचि खाब्या ने टिप्स के माध्यम से बताया कि हम खुद को और अपने परिवार को कैसे हैल्थी और फिट रख सकते हैं। मिलेट्स मैजिक प्रतियोगिता में 20 बहनों ने भाग लिया और 40 बहनों ने प्रांतीय वेशभूषा में भाग लिया।
‘कैसे नव युवतियाँ करें अपने मंडल को और रोशन’ विषय पर रेखा चिप्पड़ ने अपने विचार रखे। स्पीच प्रतियोगिता में बहनों ने दिए गए विषय पर अपने नए-नए विचार रखे। तीनों प्रतियोगिता में विजेता घोषित किए गए। मंच का संचालन मंत्री वंदना पगारिया ने किया। आभार ज्ञापन आरती दुगड़ द्वारा किया गया।दूरी होने लगती है, जिसे अगर हम सही समय पर पहचान सकें तो हम रिश्तों को अटूट विश्वास में बाँध सकते हैं। दूसरा चरणµदूसरे चरण में माँ और बेटी दोनों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें गेम्स के द्वारा उनके सुंदर रिश्ते को और मजबूत बनाया गया। प्रश्नों के साथ अपनी गलतियों को जाना और एक-दूसरे से माफी माँगकर गले से लगाया। दो विजेता जोड़ियों को सम्मानित किया गया। संचालन पूनम दुगड़ के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 42 बहनों एवं 8 बेटियों ने भाग लिया।