स्वस्थ तन-मन चिंतन के लिए संयम आवश्यक

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स्वस्थ तन-मन चिंतन के लिए संयम आवश्यक

गंगाशहर।
आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान एवं तेममं के संयुक्त तत्त्वावधान में ‘कैंसर जागरूकता अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों की टीम के द्वारा कैंसर के कारण और निवारण के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर मुनि चैतन्य कुमार जी ‘अमन’ ने कहा कि एक बार लाल बहादूर शास्त्री ने कहा था कि स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। आज की भाषा में कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। आज शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपेक्षा है। आज जो कैंसर जैसी भयंकर बीमारियाँ हो रही हैं उसका कारण है-असंयम। खान-पान, रहन-सहन, अतिभागोपभोग साधनों का उपयोग। ऐसी स्थितियों में अगर संयम नहीं होगा तो फिर रोगों का आक्रमण होना सहज है।
मुनिश्री ने कहा कि जब व्यक्ति सात्त्विक आहार, विहार, आचार-विचार नहीं रखेगा तब तक व्यक्ति को इसी प्रकार बीमारियों के दंश झेलने पड़ेंगे। आवश्यकता है रोग मुक्त, भोग मुक्त, तनाव मुक्त, तृष्णा मुक्त बनने के लिए असंतुलित आहार जैसे अति मिर्च-मशाले, खट्टी, मीठी, चिकनी वस्तुओं का परहेज करें। स्वस्थ तन-मन-चिंतन के लिए संयम परम आवश्यक है। इस अवसर पर मुनि श्रेयांस कुमार जी ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष हंसराज डागा, मंत्री दीपक आंचलिया, उपाध्यक्ष किशन बैद, कार्यकारिणी सदस्य धर्मेन्द्र डाकलिया, मनीष बाफना, भंवरलाल सेठिया, राजेंद्र पारख, राजेंद्र बोथरा, तेममं, गंगाशहर की अध्यक्षा संजू लालाणी सहित सभा-संस्थाओं के अनेक पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।