गुजरात अंचल ज्ञानशाला गोष्ठी

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गुजरात अंचल ज्ञानशाला गोष्ठी

अहमदाबाद।
आचार्यश्री तुलसी द्वारा प्रदत्त ज्ञानशाला का अवदान प्रत्येक तेरापंथी बालक-बालिका के लिए संस्कार सिंचन का अद्वितीय माध्यम बन रहा है। ज्ञानशाला विकास में ज्ञानशाला के पर्यवेक्षक मुनि उदित कुमार जी एवं सह-पर्यवेक्षक मुनि हिमांशु कुमार जी का मार्गदर्शन एवं प्रेरणा भी समय-समय पर मिलती है। गुरुदेव के इंगित को सार्थक करने की दिशा में तेरापंथी महासभा के निर्देशन में ज्ञानशाला प्रकोष्ठ एवं प्रत्येक अंचल अहर्निश प्रयत्नशील है। गुजरात अंचल के विशिष्ट प्रयासों की फलश्रुति हैµ‘ज्ञानशाला एप्लीकेशन एंड ट्रिपल जी’।
ज्ञानशाला को डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत करते हुए ‘ज्ञानशाला एप्लीकेशन एंड ट्रिपल जी’ के विशिष्ट प्रयास के वर्चुअल लॉन्चिंग का कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चोपड़ा रहे। गुजरात अंचल के आंचलिक संयोजक प्रवीण मेडतवाल ने नमस्कार महामंत्र के स्मरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ज्योति मेडतवाल ने मंगलाचरण के द्वारा वातावरण को मंगलमय बनाया। प्रवीण मेडतवाल ने मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चोपड़ा एवं गुजरात अंचल की विभिन्न ज्ञानशालाओं के क्षेत्रीय संयोजक, सह-संयोजक, ज्ञानशाला संयोजक, मुख्य प्रशिक्षिका, सहयोगी प्रशिक्षिकाओं का एवं उपस्थित डिजिटल टीम सदस्यों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। गुजरात अंचल के आंचलिक सह-संयोजक भावेश हिरण ने नवीन प्रकल्प की आवश्यकताओं की जानकारी दी।
राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चोपड़ा ने कहा कि गुजरात आंचल सदा नए-नए कार्य करने में अग्रसर रहता है। टेक्निकल टीम से समागत विशाल पारख ने एप्लीकेशन की विस्तृत जानकारी दी। वर्षा जैन ने ज्ञानार्जन में गेम्स का महत्त्व और उपयोगिता की जानकारी दी। टेक्निकल टीम की सदस्या सोनू चावत ने गेम का प्रयोग करवाया। ज्ञानशाला प्रकोष्ठ की केंद्रीय टीम से संलग्न चांददेवी छाजेड़ एवं प्रियंका बोथरा ने नए प्रकल्प के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किया। प्रवीण मेडतवाल ने प्रशिक्षिकाओं की जिज्ञासाओं का समाधान दिया। विशाल पारख ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन अहमदाबाद शहर क्षेत्रीय सह-संयोजिका आशा खाब्या ने किया।