मनुष्य जीवन में ही हो सकती है केवल ज्ञान की प्राप्ति : आचार्यश्री महाश्रमण

गुरुवाणी/ केन्द्र

गुडा रामसिंह। 10 दिसंबर, 2025

मनुष्य जीवन में ही हो सकती है केवल ज्ञान की प्राप्ति : आचार्यश्री महाश्रमण

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशस्ता, महावीर के प्रतिनिधि महातपस्वी, शान्ति दूत आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपनी धवल सेना के साथ प्रातः काल जाणुन्दा से मंगल प्रस्थान किया और लगभग दस किमी. का विहार परिसम्पन्न कर गुडा रामसिंह में श्री पारसमल गदिया के निवास स्थान में पधारे। ‘महाश्रमण समवसरण’ में आयोजित मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने पावन देशना प्रदान करते हुए कहा कि मानव जीवन को दुर्लभ बताया गया है। दुर्लभ होने के साथ ही मानव जीवन अति महत्वपूर्ण भी होता है। चौरासी लाख जीव योनियां बाताई गई हैं और उनमें मानव जीवन मिलता है और उसमें आदमी धर्म की साधना कर लेता है तो यह बहुत अच्छा कार्य हो जाता है। मनुष्य जीवन में ही केवल ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है। मनुष्य जीवन ही ऐसा है, जिसमें आदमी सरागता से वीतरागता को प्राप्त कर सकता है। सराग से वीतराग बन जाना बहुत बड़ी बाता है। सौभाग्य से यह मानव जीवन हम सभी को अभी प्राप्त है। इस जीवन में आदमी को धर्म की अराधना, साधना करने का प्रयास करना चाहिए।
ज्ञान के माध्यम से आदमी सन्मार्ग पर चल सकता है और दूसरों को भी सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर सकता है। ज्ञान अपने आप में परम पवित्र होता है। ज्ञान, अनेकानेक विषयों का किया जा सकता है। ज्ञान प्राप्ति के लिए दुनिया में अनेकों विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय आदि संचालित होते हैं। आदमी को जहां से भी संभव हो ज्ञान का अर्जन करने का प्रयास करना चाहिए। साधुओं की संगति, प्रवचन श्रवण से भी अच्छे ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है। आज तो यंत्रों के माध्यम से भी प्रवचन श्रवण का लाभ मिल सकता है। आदमी को सम्यक् ज्ञान की प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए। जिस परिवार से साधु-साध्वियां बन जाते हैं, उस परिवार के लिए बड़ी बात हो सकती है। आदमी के भीतर वैराग्य न भी आए तो भी आदमी धर्म के रास्ते पर चलता है तो उससे भी जीवन का कल्याण हो सकता है। आदमी के जीवन में अणुव्रत के छोटे-छोटे नियम आ जाएं तो जीवन अच्छा बन सकता है।
आचार्य श्री ने कहा कि आज गुढ़ा रामसिंह आए हैं। प्राचीन काल में यह चातुर्मास का स्थान भी रहा है। आज यहां इतने लोगों का आना हो गया है। सभी में अच्छी धार्मिक भावना बनी रहे। आचार्य श्री के मंगल प्रवचन के उपरान्त साध्वी परमुखा विश्रुतविभा जी ने गुड़ा रामसिंह के लोगों को उद्बोधित किया। अपने आराध्य के स्वागत में स्थानीय तेरापंथ समाध्यक्ष गौतम चन्द गादिया व माणकचन्द गदिया ने अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति दी। तेरापंथ महिला मंडल ने गीत का संगान किया। बच्चों ने भी अपनी भावाभिव्यक्ति दी। अभिनंदन गादिया, जे.पी. गादिया तथा इन्द्रचंद गादिया ने भी अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया।