उड़ान संस्कारों की-सखी समिट का आयोजन

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साउथ दिल्ली।

उड़ान संस्कारों की-सखी समिट का आयोजन

तेरापंथ महिला मंडल साउथ दिल्ली के तत्वावधान में “शासनश्री” साध्वी संघमित्रा जी के सान्निध्य में आयोजित सखी समिट – “उड़ान संस्कारों की” का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय था— “क्या डिग्री से ही मिलती है हर डगर?”, जिसमें बहनों ने खुलकर अपने विचार रखे और जीवन में संस्कार, अनुभव और सकारात्मक सोच के महत्व को समझा।
कार्यक्रम की मंगल शुरुआत साध्वीश्री द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई। उनके शांत स्वर और आध्यात्मिक ऊर्जा ने पूरे वातावरण को पावन बना दिया। इसके बाद प्रेरणा से भरपूर गीत प्रस्तुत किया गया। सखी समिट की भूमिका को स्पष्ट करते हुए अध्यक्षीय वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। इसमें महिला मंडल की गतिविधियों, उद्देश्यों और संस्कार निर्माण की दिशा में निरंतर चल रहे प्रयासों का सुंदर वर्णन था। खुली चर्चा — “क्या डिग्री से ही मिलती है हर डगर?” चर्चा का संचालन माया दुगड़ ने अत्यंत प्रभावी ढंग से किया। युवती बहनों ने शिक्षा, अनुभव, दृढ़ इच्छाशक्ति, आध्यात्मिकता, और जीवन कौशल के महत्व पर विचार रखते हुए यह समझा कि डिग्री महत्वपूर्ण है, परंतु हर डगर पर केवल डिग्री ही नहीं, संस्कार, व्यवहार, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की भावना भी समान रूप से आवश्यक हैं। यह चर्चा कार्यक्रम की मुख्य आकर्षक कड़ी रही। “शासनश्री” साध्वी संघमित्रा जी और साध्वी शीलप्रभाजी के मंगल उद्बोधन ने उपस्थितजनों को आत्मिक प्रेरणा प्रदान की। उनके संदेश में यह बात उभरी की जीवन में डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण है— सहनशीलता, समरसता, कर्तव्यनिष्ठा, सदाचार, और संस्कारों की उड़ान हैंß। महिला मंडल की मंत्री संगीता दुगड़ ने हृदयपूर्ण आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का धन्यवाद देते हुए आगामी करणीय कार्यों की जानकारी भी साझा की। पूरे कार्यक्रम का सुंदर और सहज मंच संचालन श्वेता दुगड़ ने किया। कार्यक्रम संयोजिका ममता बेद का श्रम सराहनीय था।” सखी समिट सफल, सार्थक और प्रेरणादायी रहा।