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ज्ञानशाला का वार्षिकोत्सव हुआ सम्पन्न
सोडाला श्यामनगर स्थित भिक्षु साधना केंद्र में ज्ञानशाला का वार्षिकोत्सव मनाया गया, जिसमें बालकों की जीवंत प्रस्तुतियों से दर्शकगण भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम मुनि श्री तत्त्वरुचि जी "तरुण" ठाणा-2 के सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा जयपुर द्वारा समायोजित किया गया। सहायक कलेक्टर कनक छाजेड़ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि थी। समारोह की अध्यक्षता (सभाध्यक्ष) शांतिलाल गोलछा ने की। ज्ञानशाला वार्षिकोत्सव के कार्यक्रम में
जयपुर में चल रही पांचो ज्ञानशालाओं के सैकड़ो ज्ञानार्थी सहित पचास से अधिक प्रशिक्षिकाओं, अभिभावकों बड़ी संख्या में उपस्थित समाज जन एवं कार्यकर्ता आदि ने भाग लिया। इस अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक आचार्य श्री भिक्षु के 300वें जन्म त्रिशताब्दी वर्ष 2025 को सामने रखकर कार्यक्रम की तैयारी की गयी। कार्यक्रम में ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों की अधिकांश प्रस्तुतियां आचार्य श्री भीखण जी के जीवन दर्शन पर आधारित थी। समारोह को संबोधित करते हुए मुनि श्री तत्त्वरुचि जी "तरुण" ने कहा कि - आचार्य श्री भिक्षु जैन धर्म के महान प्रभावक और क्रांतिकारी आचार्य थे। उन्होंने धर्म को व्यापकता प्रदान की। मौके पर ज्ञानशाला की सभी प्रशिक्षिकाओं ने स्वतंत्र गीतिकाएं प्रस्तुत की। वही ज्ञानार्थी बालक - बालिकाओं ने अपनी रोचक प्रस्तुतियां से समाज को सकारात्मकता, सहिष्णुता, श्रद्धा - समर्पण को अपनाने तथा अंधविश्वासों और रूढ़िवादिता की सोच से मुक्त होने की प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि सहित सभी प्रशिक्षिकाओं, कार्यकर्ताओं तथा विशिष्ट ज्ञानार्थियों को सम्मानित किया गया। ज्ञानशाला के आंचलिक संयोजक सौरभ जैन, क्षेत्रिय संयोजिका रितु जैन ने अपने विचार व्यक्त कर सभी का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में अमेरिका से समागत पीयूष मेहता, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के मंत्री सुरेंद्र सेखानी, भिक्षु साधना केंद्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण बांठिया, उपासक राजेंद्र सेठिया, तेरापंथ महिला मंडल (सी-स्कीम) अध्यक्षा कनक आंचलिया, मंत्री राजश्री बाफना, संजीव कोठारी, आदि उपस्थित थे।