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व्यक्तित्व निर्माण कार्यशाला का आयोजन
विरिंजीपुरम वर्धमान जैन स्कूल में आज एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक एवं व्यक्तित्व निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इस विशेष अवसर पर मुनि रश्मि कुमार जी ने बच्चों को धर्म, अनुशासन और आदर्श जीवन शैली के मूल्य सिखाए। इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला में मुनिश्री ने बच्चों को नशा मुक्ति के बारे में विस्तार से समझाया और बताया कि जीवन में नशा किसी भी रूप में—दवाओं, मोबाइल, टीवी, या गलत संगति का—कैसे व्यक्ति के विकास, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। मुनि प्रियांशुकुमार जी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि— जीवन में सदाचार, संयम और सकारात्मकता सबसे बड़ी शक्तियाँ हैं। खराब आदतों से दूरी और अच्छे संस्कारों का विकास ही उज्ज्वल भविष्य का आधार है। विद्यार्थी जीवन में समय का सदुपयोग, सत्संग, अध्ययन और आत्मानुशासन सफलता की कुंजी हैं। कार्यशाला में लगभग 300 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने ध्यानपूर्वक प्रवचन सुने और नशा मुक्त एवं आदर्श जीवन जीने का संकल्प लिया। मुनि श्री ने जो उद्धबोधन दिया उसे श्रीमती शिल्पा ने तमिल में अनुवाद किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मुनि श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया और विद्यालय प्रशासन ने मुनिद्वय का हृदय से आभार व्यक्त किया।