आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

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आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

सदी के महान पुरुष थे आचार्य तुलसी। उनके अवदान अणुव्रत, जीवनविज्ञान, प्रेक्षाध्यान नई पीढ़ी को जीवन जीने की कला बता रहे हैं। वह शक्तिमान विलक्षण और भव्य आभामंडल के ओजस्वी, तेजस्वी आचार्य थे। अनेक संस्थाओं के जनक थे। हजारों किलोमीटर पद यात्रा करके लाखों लोगों को व्यसन मुक्त बनाया। तेरापंथ को जन - जन तक पहुंचाया। उनका व्यक्तित्व, कृतत्व अद्भुत था। उनके संयम के दीक्षा के 100 वर्ष सम्पन्नता पर हम संयममय जीवन जीने की प्रेरणा ले - यह उद्गार "शासन गौरव" साध्वी राजीमती ने तेरापंथ भवन नोखा में प्रवचन में कहा। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वाद्यान में सामूहिक ओम जय तुलसी का जप अनुष्ठान, एकासन, उपवास,आयम्बिल व 9 घंटा मौन तपस्या का क्रम रहा। साध्वी पुलकितयशा ने ‘तुलसी नाम समाया’ गीत प्रस्तुत किया। महिला मंडल अध्यक्षा प्रीति मरोठी, पूर्व अध्यक्षा श्रीमती सुमन मरोठी, मुमुक्षु लक्षिता, सुनील बैद ने प्रस्तुति दी।