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वर्धापना समारोह का हुआ भव्य आयोजन
साध्वी कुन्दनरेखाजी के संयम पर्याय के 50 वर्षों की संपुर्णता के उपलक्ष में वर्धापना समारोह का भव्य आयोजन मुनि अभिजीत कुमार जी, मुनि जाग्रत कुमार जी, साध्वी कुन्दनरेखा जी, साध्वी सौभाग्ययशा जी, साध्वी कल्याणयशाजी, समणी मंजुप्रज्ञा जी, समणी सन्मति प्रज्ञा जी, समणी जयंत प्रज्ञा जी, समणी स्वर्गप्रज्ञा जी के पावन उपस्थिति में तेरापंथ सभा दिल्ली एवं पारिवारिक जन के तत्वाधान में उल्लासमय वातावरण में मनाया गया। आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा आचार्य प्रवर द्वारा संप्रेषित संदेश। जिसे सुनकर साध्वी कुन्दनरेखा जी तो अभिभूत हो गई।
इस अवसर पर साध्वी कुन्दन रेखा ने कहा गणाधिपति गुरूदेव तुलसी ने मुझे दीक्षा रत्न प्रदान कर संसार के कीचड़ से निकाल कर ऊंचा उठाया। आचार्य महाप्रज्ञ जी ने विकास की राहों पर प्रशस्त कर मुझे आगे बढ़ने का मौका दिया। वर्तमान आचार्यश्री महाश्रमण जी की असीम अनुकंपा एवं वात्सल्य भरे आशीर्वाद ने मुझे जीवन दिया। उन्हीं का प्रताप है। कि मेरी संयमयात्रा निर्विहन गतिमान है। इस कलयुग में सतयुग सा तेरापंथ धर्म संघ मिला यह शुभ कर्मों का परिणाम है। साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभा जी ने मातृत्व प्यार भी दिया और सर्व कार्यों में पारंगत बनाने हेतु श्रम भी किया। साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी का सरल भाव एवं मंगल प्रेरणाएं मेरे जीवन की धरोहर है। सभी के प्रति शतश: नमन।
पारिवारिक जन का उपकार तो मेरा संसार है। श्रद्धानिष्ठ श्रावक बालचंद एवं माता कैलाशवती ने दीक्षा की अनुमति कठिन परीक्षा के बाद दी।साध्वी चंदनवाला जी एवं साध्वी वर्धमानश्री जी दो -दो मौसी जी महाराज की प्रेरणाएं मेरी धरोहर बन गई। संपूर्ण तेरापंथ धर्म संघ के साधु साध्वियों का वात्सल्य प्रेम निरन्तर मिला, मिल रहा है। दक्षिण दिल्ली महिला मण्डल की सहयागिता सभी मंडलों का समर्पण अभिभूत करने वाला है। साध्वी सौभाग्य यशा ने कहा साध्वी कुन्दनरेखा जी तेरापंथ धर्म संघ की कलाकार साध्वी हैं। साध्वी कल्याण यशा जी ने कहा साध्वीश्री अनेक विशेषताओं की धनी है।समणी मंजुप्रज्ञाजी ने कहा है कि सुख मुखमुद्रा एवं सभी का वात्सल्य लुटाती हुई संयम यात्रा में निर्विघ्न आगे बढ़ रही हैं। समणी सन्मतिप्रज्ञा ने कहा श्रमशील सहनशील एवं विकासशील साध्वीश्री को नमन समणी जयत प्रज्ञा जी ने उपनी कविता का संगान किया।
मुनि अभिजीत कुमार जी ने कहा जहॉं गुरूभक्ति हो आतमअनुशक्ति हो संसारिक कार्यों से विरक्ति हो वहॉ दिव्य आत्मा निवास करती है। मुनि जाग्रतकुमार जी ने कहा कम समय के परिचय ने ही साध्वीश्री जी की विशेषताएं मुखर हुई आपकी मिलन सरिता बेजोड़ है यह हमने देखा है। तेरापंथ सभा दिल्ली अध्यक्ष सुखराज सेठिया, अणुव्रत न्यास के मुख्यन्यासी के सी जैन, युवक परिषद दिल्ली अध्यक्ष पवन गांधीनगर अध्यक्ष क्रांति बरड़िया ने प्रस्तुति दी।