बाबा तू मेरी भक्ति है, बाबा तू मेरी शक्ति है

रचनाएं

साध्वी संयम लताजी

बाबा तू मेरी भक्ति है, बाबा तू मेरी शक्ति है

सिरियारी के संत भीखण जी कब से राह निहारूँ मैं
एक बार दर्शन देदो बस बाबा तुमको पुकारूँ मैं
बाबा तू मेरी भक्ति है,बाबा तू मेरी शक्ति है
तेरे नाम की धुन बजती आठों याम है।
1. तुम ही मेरे राम हो बाबा तुम ही मेरे घनश्याम हो
तुम ही मेरी काशी काबा,तुम श्रद्धा के धाम हो
तू मेरी जीवन जगती है,बाबा तू मेरी शक्ति है
2. तुम ही मेरे देव हो बाबा,तुम ही हो मेरी पूजा
और न मेरे मन को भाए, बाबा तेरे सिवा दूजा
तुमसे प्रशस्त अनुरक्ति है बाबा
3. सुना है तेरे दर से बाबा कोई नही खाली जाता
इसीलिए साँवरिया तेरा नाम सभी को मन भाता
तूं व्यष्टि नहीं समष्टि है
4. तूं ही तारणहार है बाबा हो रही जय जयकार तेरी
त्रिशताब्दी पर दो आशीर्वर नैया पर लगे मेरी
तू शक्ति नहीं महाशक्ति है, बहे तेरे नाम की भक्ति है
तेरे नाम की धुन......
लय: मेरे राम आ जाते मेरे सामने