
रचनाएं
अभिनव खुशियाँ छाई हैं
मुनि कमल कुमार
प्रमुखाश्री के चयन दिवस की गोल्डन जुबली आई है।
बच्चे-बच्चे के मानस में अभिनव खुशियाँ छाई हैं॥
तुलसी गुरु की कृपा दृष्टि से नगर केलवा में दीक्षा
आगम तत्त्व आदि की पाई गहराई से नित शिक्षा
सहज सौम्य व्यवहार देखकर कली-कली विकसाई है॥1॥
माघ महोत्सव पूर्व सुगुरु ने चयन आपका करवाया
गंगाशहर धरा पर उत्सव जन-जन का मन हर्षाया
दूज चांद ज्यों गरिमा महिमा दिन-दिन बढ़ती पाई है॥2॥
वक्ता लेखक कुशल प्रशासिका संघ निदेशिका कहलाई
महाश्रमणी असाधारण साध्वीप्रमुखा जन-मन भाई
जिनकी अमित सुक्षमताओं की बजी सुयश शहनाई है॥3॥
रहें निरामय पग-पग हो जय यही भावना भाते हैं
जहाँ-जहाँ भी विरहण होता सुयश सुरभि हम पाते हैं
सबके दिल में स्थान बनाया बहुत बड़ी पुण्याई है॥4॥
तुलसी महाप्रज्ञ वत् पल-पल ध्याती महाश्रमण गणनाथ
जिनके कार्य-कलापों की है बनी आज गण में सुख्यात
गोल्डन जुबली पर देते हम शत-शत बार बधाई है॥5॥