सभी पाप बहुत बुरे हैं। परिग्रह सबसे ज्यादा बुरा है। वह प्रीति और मैत्री कुछ नहीं गिनता, सब गुणों को जला डालता है। - आचार्य श्री भिक्षु
सभी पाप बहुत बुरे हैं। परिग्रह सबसे ज्यादा बुरा है। वह प्रीति और मैत्री कुछ नहीं गिनता, सब गुणों को जला डालता है।