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नव मनोनीत साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभाजी के प्रति हृदयोद्गार
साध्वी चरितार्थ प्रभा
साध्वी प्रमुखा नियुक्ति के वे दुर्लभ क्षण चित्त में परम प्रसन्नता एवं आनंद की अनुभूति करा रहे हैं। गुरू इंगियाकार संपन्न बनकर आपश्री ने पूज्य प्रवर के विश्वास को पुष्ट किया है, वह श्लाघनीय है, परम स्तुत्य है। अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोग और अविरल अप्रमत्त साधना से जीवन की विषम परिस्थितियांे में उत्कृष्ट समता का परिचय देकर साधना के उत्तंगु शिखर का स्पर्श किया हैै। आपश्री ने सैंकड़ों समणियों, मुमुक्षुओं एवं साध्वियों के जीवन निर्माण में अमूल्य योगदान प्रदान किया है। आपश्री का अनंत उपकार दिल में अंकित है। इन परम पुनीत मंगलमय क्षणों में हम सभी साध्वियां अनंत-अनंत मंगलकामना एवं शुभकामना आपश्री के चरणों में निवेदित करते हैं। परम पूज्य गुरूदेव की अनुपम अनुशासना में एवं आपश्री के शुभ निर्देशन में चतुर्विध धर्मसंघ विकास के पथ पर ऊर्ध्वारोहण करता रहे। पुनः अनंत-अनंत शुभकामना।