अवबोध

स्वाध्याय

अवबोध

धर्म बोध
शील धर्म

प्रश्न 12 : एक बार मैथुन सेवन से गर्भ में कितने जीव उत्पन्न हो सकते हैं?
उत्तर : एक बार मैथुन सेवन से एक, दो, तीन से लेकर नौ लाख समनस्क जीव गर्भ में उत्पन्न हो सकते हैं। यह तथ्य तो अब विज्ञान द्वारा भी परीक्षित हो चुका है। यह सही है कि ये गर्भगत जीव पूरा विकास नहीं कर पाते, अधिकांश तत्काल मर जाते हैं।

प्रश्न 13 : मैथुन सेवन करने वाले पुरुष के किस प्रकार का असंयम (हिंसा) होता है?
उत्तर : एक पुरुष रुई की नली में या बूर की नली में तपी हुई शलाका डाल कर उसे विध्वंस करता है। मैथुन सेवन करने वाले का असंयम (हिंसा) भी ऐसा ही होता है।

प्रश्न 14 : क्या पूरे जीव जगत् को मैथुन सेवन का पाप लगता है?
उत्तर : नारक, पाँच स्थावर, तीन विकलेन्द्रिय, अमनस्क मनुष्य व तिर्यंच पंचेन्द्रिय को मैथुन सेवन का पाप नहीं लगता, क्योंकि इनमें नपुंसक वेद होता है। शेष जीवों में मैथुन सेवन की प्रवृत्ति होने से पाप लग सकता है।

प्रश्न 15 : क्या समलैंगिक मैथुन सेवन से भी ब्रह्मचर्य का विनाश होता है?
उत्तर : समलैंगिक मैथुन सेवन अप्राकृतिक मैथुन की संज्ञा में है। इससे भी शील का विनाश होता है। इस अप्राकृतिक मैथुन से विरत रहने वाले व्यक्ति को न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, अपितु ‘एड्स’ जैसे जानलेवा रोगों से सहज ही बचा जा सकता है।

(क्रमश:)