शाश्वत सत्य की अनुभूति है भिक्षु विचार दर्शन

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शाश्वत सत्य की अनुभूति है भिक्षु विचार दर्शन

कुर्ला (मुंबई)।
साध्वी निर्वाणश्री जी के सान्निध्य में बैंगानी उत्कर्ष पर विशेष कार्यशाला संपन्न हुई। तेरापंथ भवन में आयोजित इस कार्यशाला में साध्वी निर्वाणश्री ने कहा कि आचार्य भिक्षु ने धर्म और आचार की बुनियाद पर धर्मक्रांति की। आचार्य भिक्षु का विचार दर्शन शाश्वत सत्य की अनुभूति है। आचार्य भिक्षु ने साध्य-साधन के साथ तादात्म्य की चर्चा की। उन्होंने मिश्र धर्म की मान्यता को नकार दिया।
मुख्य प्रशिक्षक डॉ0 साध्वी योगक्षेमप्रभा जी ने कहा कि ‘भिक्षु विचार दर्शन’ ग्रंथ पर आधारित धर्म के विविध पहलु पर विशद विवेचन किया। आचार्य भिक्षु के गहन दर्शन की रोचक प्रस्तुति से साध्वीश्री जी ने सबको भाव-विभोर कर दिया। कार्यशाला का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसे मीना साबत्रा व चंदा बडौला ने प्रस्तुत किया। सभाध्यक्ष कांतिलाल कोठारी ने सभी का स्वागत किया। आभार ज्ञापन प्रेमलता सिसोदिया ने किया। मंच संचालन वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश सुतरिया ने किया।