बारह व्रत कार्यशालाओं के विविध आयोजन

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बारह व्रत कार्यशालाओं के विविध आयोजन

गंगाशहर
तेरापंथ युवक परिषद्, गंगाशहर द्वारा शासनश्री साध्वी शशिरेखाजी व साध्वी ललितकलाजी के सान्निध्य में बारह व्रत कार्यशाला का आयोजन शान्ति निकेतन मे किया गया। साध्वीश्री ने श्रावक समाज को बारह व्रत के विषय मे विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि व्रत वह सुरक्षा कवच है, जो व्यक्ति को बुराइयों से बचाता है। भगवान महावीर ने श्रावक के लिए बारह व्रतों का विधान किया है और उसे आगार धर्म कहा है। गृहस्थ भी बारह व्रतों के माध्यम से धर्म की आराधना कर सकता है और सुगति (देवगति) का अधिकारी बन सकता है। एक गृहस्थ पूरी तरह संयमी जीवन नहीं जी सकता पर असंयम की सीमा तो कर सकता है एवं व्रतों को स्वीकार कर बारह व्रती बनकर आत्मोत्थान की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
परिषद् अध्यक्ष ने बताया कि अभातेयुप के निर्देशन में शाखा परिषदें बारह व्रत कार्यशाला के माध्यम से श्रावक-श्राविकाओं में व्रतों की चेतना जगाते हुए आध्यात्मिक विकास की ओर अग्रसर करने का कार्य करती है। तेयुप मंत्री भरत गोलछा ने इस कार्यशाला एवं संभागीगण के बारे मंे जानकारी दी। परिषद् के मीडिया प्रभारी धनपत भंसाली ने कहा कि श्रावक समाज में आध्यात्मिक उत्थान एवं विकास हेतु तेयुप समय समय पर ऐसे कार्यक्रम करती रहती है।