बारह व्रत कार्यशालाओं के विविध आयोजन

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बारह व्रत कार्यशालाओं के विविध आयोजन

सीटीलाइट, सूरत
साध्वी त्रिशलाकुमारीजी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा मासखमण के दो तपस्वियांे का अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। चंद्रकांत बदामिया और प्रीति सामरा ने 28 की तपस्या के साथ मासखमण की तपस्या परिसम्पन्न की। तप अभिनंदन कार्यक्रम में साध्वी त्रिशलाकुमारीजी ने श्रावक समाज को संबोधित करते हुए फरमाया कि खाने का संयम करना अपने आप में बहुत बड़़ी बात है। तपस्या के द्वारा निर्जरा होती है। विरल व्यक्ति ही हो सकते हैं, जो इतनी लम्बी तपस्या कर सकते हैं। मोक्ष मार्ग के चार द्वार बताए गए हैं, उनमें एक है तप। तपस्या के लिए आत्मबल-मनोबल चाहिए, जो इन दो मासखमण तपस्वियांे ने करके दिखाया है। युवावस्था में चंद्रकांत बदामिया ने मासखमण जैसा कठिन तप किया है और प्रीति सामरा ने भी पहला मासखमण कर हिम्मत का परिचय दिया है। दोनों मासखमण तपस्वी की खूब-खूब अनुमोदना करते हैं, उनके आध्यात्मिक जीवन की मंगलकामना करते हैं।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के द्वारा तपस्वियों का अभिनंदन किया गया। बदामिया परिवार से बहिनों ने गीत के माध्यम से तपस्वी की अनुमोदना की। सामरा परिवार से हिरल सामरा ने अपनी माता के पहले मासखमण पर भाव व्यक्त करते हुए मंगलकामना व्यक्त की। अंजु चावत ने बहन के मासखमण पर अनुमोदना करते हुए तप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अपने प्रति मंगलकामना की। कार्यक्रम का संचालन साध्वी कल्पयशाजी ने किया। सभा के मैनेजिंग ट्रस्टी बाबूलालजी,, महासभा से गुजरात प्रभारी अनिल चंडालिया, आचार्यश्री महाश्रमण चतुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति, सूरत के महामंत्री नानालाल राठौड़ एवं तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल के पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही।