दीक्षार्थी बहन का अभिनंदन

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दीक्षार्थी बहन का अभिनंदन

गदग
तेरापंथ भवन में साध्वी पद्मावती जी के सान्‍निध्य में दीक्षार्थी बहन शिवानी का अभिनंदन समारोह मनाया गया। शासनश्री साध्वी पद्मावती जी ने कहा कि दीक्षा व सुवास है जो भीतर और सबको सुवासित करता है। दीक्षा वह दिव्य प्रभात है जो जन्म-जन्म के अंधकार को आलोक से आपूरित कर देता है। दीक्षा वह प्रकाश जिससे सबको रोशनी मिलती है। यह सत्यम शिवम सुंदरम की पगडंडी है। डॉ0 साध्वी गवेषणा जी ने कहा कि शिवानी संयम के पथ पर बढ़ रही है तो तुम्हें मुख्य रूप से डेडीकेशन को अपनाना है, क्योंकि समर्पण वह लकड़ी है जो डूबती नहीं है और अहंकार वह पत्थर है जो कभी तैरता नहीं है।
साध्वी मयंकप्रभा जी ने कहा कि दीक्षा सात्त्विक जीवन जीने की कला है। अंधकार से प्रकाश की प्राप्ति है। आत्मा से परमात्मा की प्राप्ति है। शव से शिव बनने की प्रक्रिया है। साध्वी मेंरूप्रभा जी, साध्वी दक्षप्रभा जी ने गीतिका प्रस्तुत की। कर्नाटक राज्य अंगूर निगम के अध्यक्ष कांतिलाल भंसाली, तेयुप के अध्यक्ष दिनेश संकलेचा, तेममं की मंत्री विजेता भंसाली, स्थानकवासी समाज के कार्यकर्ता गौतम पालरेचा, महिला मंडल की सदस्य इंदिरा बाघमार, महाराष्ट्र से स्वागत अरुण भाई पाटिल, दिलीप गेलड़ा ने अपने विचार रखे। तेयुप के मंत्री कमलेश जीरावला ने आभार ज्ञापन किया। तेममं की बहनों ने गीतिका के साथ अभिव्यति दी। राज्य कार्यकारिणी महिला मोर्चा की मेंबर शारदा हीरेमठ कांतिलाल भंसाली सभा के मंत्री गौतम चोपड़ा, प्यारेलाल बोहरा, नेमीचंद भंसाली ने दीक्षार्थी बहन का सम्मान किया। स्थानक समाज की ओर से ममता पालरेचा, इंदिरा बाघमार, किशन बाघमार ने सम्मान किया।