अ.भी.रा.शि.को. मंत्र का  11 लाख जाप संपन्न

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श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़।

अ.भी.रा.शि.को. मंत्र का 11 लाख जाप संपन्न

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़। आंचल में विराजित ‘शासनश्री’ साध्वी बसंतप्रभा जी ठाणा-4, साध्वी प्रज्ञावती जी ठाणा-4 एवं साध्वी सुदर्शनाश्री जी ठाणा-5, की प्रेरणा से महातपस्वी मुनि अमीचंदजी स्वामी, मुनि भीमजी स्वामी, मुनि रामसुख जी स्वामी, मुनि शिव जी स्वामी, मुनि कोदरमल जी स्वामी नाम के बीज मंत्र 'ॐ. अ. भी. रा. शि. को. नमः' के कुल 11 लाख जाप की ऊष्णता 15 दिन तक जमाव बिंदु जैसी शीतऋतु को अप्रभावी बनाती रही। जप संयोजक अनिल रांका (सूरतगढ़) और सह संयोजक अनुराग बांठिया (हनुमानगढ़-टाउन) ने अथक श्रम नियोजित करते हुए श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ आँचल में जाप के आयाम को उच्चतर कक्षा में स्थापित करते हुए कृपानिधान संघपति के प्रति अनन्त कृतज्ञता और आभार प्रकट किया।