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युवा वाहिनी के अंतर्गत सेवा के साथ पायी विभिन्न प्रेरणा
आचार्य श्री महाश्रमणजी के श्रीचरणों में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में युवा वाहिनी के अंतर्गत तेरापंथ युवक परिषद राजाजीनगर अध्यक्ष कमलेश चौरड़िया के नेतृत्व में तेयुप सदस्य उपस्थित हुए। युवा साथियों द्वारा त्रि-दिवसीय सेवा-उपासना के अंतर्गत आचार्य श्री महाश्रमणजी ने विशेष कृपा बरसाते हुए प्रतिदिन सामायिक एवं तेरापंथ सभा भवन में शानिवारिक सामयिक एवं आध्यात्मिक गतिविधि करने की प्रेरणा प्रदान करवाई। तेयुप अध्यक्ष कमलेश चौरड़िया ने तेयुप द्वारा क्रियान्वित विभिन्न गतिविधियों के बारे जानकारी प्रदान की। मुख्य मुनिमहावीर कुमार जी की सेवा-उपासना के तहत तेरापंथ धर्म संघ की विशेषताएं एवं भाव पूजा पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। साध्वीप्रमुखाश्री विश्रुतविभाजी ने आचार्य श्री भिक्षु त्रि-शताब्दी वर्ष के तहत स्वामीजी के इतिहास को पढ़ने की प्रेरणा प्रदान की। साध्वीवर्या संबुद्धयशा जी ने तेरापंथ के इतिहास को जानने एवं स्वाध्याय करने की प्रेरणा दी। मुनि दिनेश कुमार जी ने रात्रिकालीन विशेष कक्षा में युवा वाहिनी सेवार्थियों को नमस्कार महामंत्र के पांच पदों एवं आचार्य की अष्ट संपदाओं से अवगत करवाया। तेयुप राजाजीनगर की विशेष सेवा के अंतर्गत युवाओं को तीन मुख्य बिंदु व्यक्तिगत साधना, संगठन एवं धर्म संघ एवं सार्वजनकि कल्याण और विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया। त्रि-दिवसीय सेवा के अंतर्गत साथियों ने सभी साधु-साध्वियों की सेवा उपासना का लाभ लिया। गांधीधाम में विराजित तेयुप पर्यवेक्षक मुनि योगश कुमार जी की भी सेवा उपासना हुई। मुनिश्री ने प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा आचार्य श्री भिक्षु की त्रि-शताब्दी वर्ष पर तेयुप द्वारा 'जानो भिक्षु को' के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। एटीडीसी एवं मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव आदि अनेक आयामों पर चर्चा की गई। तेयुप अध्यक्ष कमलेश चौरड़िया के नेतृत्व में अभातेयुप द्वारा संचालित चौका सत्कार में भी सेवाएं प्रदान की गई। इस अवसर पर वर्तमान एवं निवर्तमान पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं किशोर मंडल सदस्यों की उपस्थिति रही। तेयुप राजाजीनगर ने कुल 6 दिन में दो ग्रुप में आचार्य प्रवर एवं चरित्रात्माओं की लगभग 60 किमी रास्ते की सेवा की।