संतों का हुआ मंगल प्रवेश

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गांधीनगर।

संतों का हुआ मंगल प्रवेश

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि मोहजीत कुमारजी ठाणा 3 का मंगल प्रवेश गांधीनगर स्थित तेरापंथ सभा भवन में हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति संयम में रहता है, वह परम लक्ष्य को प्राप्त करता है। परम विजय को पाने के लिए संयम की चेतना का जागरण आवश्यक है। कोई भी कार्य धैर्यपूर्वक करना चाहिए। व्यक्ति जो क्रिया करता है, उसके परिणाम का भी ध्यान रखना चाहिए। प्रवचन सुनने से विचारधारा बदलती है और विचार बदलने से आत्मा का उत्थान होता है। मुनि भव्य कुमार जी ने अपने वक्तव्य में सामायिक साधना के विषय में विशेष जानकारी दी और बताया कि एक ही बात के अनेक शब्दार्थ होते हैं, जिन्हें समझने वाला अपनी बुद्धि और विवेक के अनुसार ग्रहण करता है। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष पारसमल भंसाली ने स्वागत वक्तव्य दिया।
सभा मंत्री विनोद छाजेड़ ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मुनिश्री से सभा भवन में अधिकाधिक विराजने का निवेदन किया। सभा के पूर्व अध्यक्ष बहादुर सेठिया ने गीतिका का संगान किया। ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील चोरड़िया ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सभा परिवार द्वारा आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ चेतना केंद्र और सेवा केंद्र के नव-मनोनीत अध्यक्ष एवं संपूर्ण टीम को बधाई दी गई तथा अध्यक्ष मदन बोराणा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सभा के पूर्व अध्यक्ष, पदाधिकारी, तेयुप अध्यक्ष विमल धारीवाल, महिला मंडल अध्यक्षा रिजु डूंगरवाल एवं स्थानीय विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री विनोद छाजेड़ ने किया।