संयम और तप से प्रशस्त होता है आत्मानुशासन का मार्ग : आचार्यश्री महाश्रमण

गुरुवाणी/ केन्द्र

गांधीधाम। 06 मार्च, 2025

संयम और तप से प्रशस्त होता है आत्मानुशासन का मार्ग : आचार्यश्री महाश्रमण

मानवता के मसीहा आचार्यश्री महाश्रमणजी ने आगमवाणी का रसास्वादन कराते हुए फरमाया कि आत्मानुशासन और परानुशासन दो महत्वपूर्ण शब्द हैं। आत्मानुशासन वह होता है जब व्यक्ति स्वयं पर नियंत्रण रखता है, जबकि परानुशासन वह है जिसे दूसरे लोग हमारे ऊपर लागू करते हैं। हालांकि शास्त्रों में दोनों अनुशासनों की चर्चा की गई है, लेकिन उत्तम यह है कि हम आत्मानुशासन का पालन करें।
आचार्यश्री ने कहा कि हमारे जीवन का मूल आत्मा है, लेकिन इसके साथ शरीर, वाणी, मन और इन्द्रियों पर भी नियंत्रण आवश्यक है। इन सभी पर अनुशासन रखने से ही आत्मानुशासन की प्राप्ति होती है। संयम और तप से आत्मानुशासन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि शरीर, वाणी, मन और इन्द्रियों पर संयम रखना चाहिए। तप की साधना और ध्यान की साधना से आत्मा पर अनुशासन लाया जा सकता है। गलत कार्य न करें, वाणी पर संयम रखें, और बोलने से पहले सोचें। झूठ और कटु वाणी से बचें, बल्कि सत्य और मधुर बोलें। मन की चंचलता पर ध्यान और भाव क्रिया से नियंत्रण रखें, ताकि हमारे मन में केवल अच्छे और कल्याणकारी विचार आएं। गृहस्थों को कई बार चिन्तन करना पड़ता है, लेकिन किसी का बुरा चिन्तन न करें। अनावश्यक और असत् चिंतन से बचें। इन्द्रियों पर संयम रखें—अच्छा सुनें, अच्छा देखें, और अच्छा बोलें। जब हम अच्छा सोचते और अच्छा कार्य करते हैं, तो यह आत्मानुशासन का परिणाम होता है।
आत्मानुशासन के अभाव में परानुशासन की आवश्यकता पड़ सकती है, जो वांछनीय नहीं है। हमें अच्छे मार्ग पर चलना चाहिए, जहां हम स्वयं पर शासन करके अनुशासित बनें। आचार्यश्री ने कहा कि सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति की बातें भी आत्मानुशासन का ही हिस्सा हैं। गृहस्थ जीवन में इन तीनों तत्वों के साथ आध्यात्मिकता का वास हो सकता है। इस अवसर पर गांधीधाम महानगर पालिका द्वारा आचार्यश्री का नागरिक अभिनंदन किया गया। दीनदयाल पोर्ट ऑथोरिटी, काण्डला के नवीश शुक्ला, इंडियन फॉरेन सर्विसेज के डेवलपमेंट कमिश्नर दिनेश सिंह, अमरचंद सिंघवी इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल मृदुल वर्मा, अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, गांधीधाम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष महेश पुंज, श्री गुरुद्वारा गुरुनानक सिंह सभा सिख समाज के सतपाल सिंह, आठ कोटी मोटी पक्ष के अध्यक्ष रोहित भाई शाह, तेरापंथ सभा गांधीधाम के सहमंत्री जितेंद्र सेठिया ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन मुनि दिनेशकुमारजी ने किया।